108 आत्माएं कैसी हों? कैसी पक्की?
*108 आत्माएं कैसी हों? कैसी पक्की?*
पक्की का मतलब क्या? *👉तन से, मन से, धन से, समय से, संपर्क से ,अपनी बहू बेटियों के संबंध से हर प्रकार से अर्पण हुए एक के प्रति एक स्नेह सूत्र से बंधी हुई आत्माएं।*
जो ऐसी पुरुषार्थ स्टेज पर पहुंची हुए आत्माएं होंगी, कि *जब परीक्षा ली जाए, तो यह साबित करके दिखाएं कि हमारा जो अति स्नेही से स्नेही, और बड़े से बड़ा संबधी है,इससे बड़ा संबंधी हमारा दुनिया में कोई है ही नहीं, यह साबित हो जाए, तो ऐसे 108 आत्माएं।* उनका संगठन सुत्र जहां पक्का तैयार हो जाए। *एक स्नेह के सूत्र में वह आत्माएं बंधी हुई हो।* ऐसे नहीं घड़ी में रुष्टा घड़ी में सुष्टा, एकदम प्रसन्न हो जाए और एकदम बाप से अप्रसन्न हो जाए। ऐसी उस लिस्ट में नहीं होंगे।
*👉कैसे होंगे? चाहे प्यार करें चाहे ठुकराए। ऐसी स्टेज वाले जो मणके होंगे ,वह 108 मणको का संगठन जब बन जाए। उनका प्रूफ मिल जाए, उनकी पक्की परीक्षा हो जाए, और वह परीक्षा में पास हो जाएं, तब लिख सकते हैं--चैतन्य दिलवाड़ा मंदिर।*
केसेट 33(48मि)
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