मक्खन चुराना, मटकी फोड़ ना, यह किसका काम था?
*मक्खन चुराना, मटकी फोड़ ना, यह किसका काम था? प्रजापिता का काम था। लेकिन नाम रख दिया ब्रह्माकुमारीओ ने ब्रह्मा बाबा का। जो गीता किताब लिखी है, अद्भुत जीवन काहिनी। उस अद्भुत जीवन काहिनी में किसका नाम डाल दिया? ब्रह्मा बाबा का नाम डाल दिया। प्रजापिता को उड़ा दिया। बाबा ही मुरली में कहते है त्रिमूर्ति का चित्र बनाते है। उस त्रिमूर्ति की चित्र में त्रिमूर्ति शिव की लाश भी गुम कर दी। उसका नाम निशान गुम कर दिया। तो वास्तव में वह कृष्ण कहो या भगवान कहो वह सतयुग का कृष्ण नही है, बच्चे रूप में जन्म लेने वाला। वह कौन सा कृष्ण है? संगमयुगी कृष्ण है।* *Varta 1809*