8 की माला
★ *8 की माला बहुत ऊपर नीचे होती है, क्योंकि 8 ऐसे वंडरफुल पुरुषार्थी हैं कि धक्क से ऊपर चढ़ते हैं, ऊँची स्टेज में और धक्क से नीचे उतर जाते हैं।* नीचे उतरना कैसे होता है और ऊपर चढ़ना कैसे होता है?? बाबा कहते हैं कोई विकार में गिरते हैं तो जैसे 5 मंजिल से नीचे गिर जाते हैं, ये हुआ नीचे गिरना और याद में ऊँचे चढ़ जाना, याद की उंचाई में जो पुरुषार्थ किया जाता है, जो ईश्वरीय सेवा की जाती है उसका रिजल्ट भी वंडरफुल होता है। अच्छे-अच्छे वारिसदार बच्चे निकलते हैं। तो जिन्न के मुआफिक पुरुषार्थ कहा जाता है। ऊपर चढ़ना होता है याद की यात्रा से, जो याद है उसे योगाग्नि कहा जाता है। ये जिन्न काहे की औलाद है??? अग्नि की औलाद है। कौन सी अग्नि?? योग की अग्नि। फिर नीचे गिरते हैं तो काम की अग्नि। काम की भी अग्नि है तो याद की भी अग्नि है; इसलिए जिन्नात को अग्नि की पैदाइश बताया!
*Varta-637*
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