तीसरा नेत्र खोला, और विनाश। तीसरा नेत्र कब खुलता है?

*तीसरा नेत्र खोला, और विनाश। तीसरा नेत्र कब खुलता है??*


 *जब राजा हरिश्चंद्र का निर्मोही राजा का पार्ट बजाया जाता है। मैं आत्मा ज्योति बिंदु, और मेरा बाप शिव ज्योति बिंदु। एक शिव बाबा दूसरा न कोई।*
        *पत्नी, पत्नी नहीं, बाप बाप नहीं, भाई,भाई नहीं। नाना चाचा काका ताऊ की तो बात ही नहीं। सारी आसुरी सृष्टि, जो जड़त्व मई सृष्टि बन चुकी है,कब्रिस्तान बन चुकी है, सारी आसुरी सृष्टि का विनाश।*

Vcd 473(56मि

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