अष्टदेवो के लिये सदा ही अमृतवेला है

 अष्टदेवो के लिये सदा ही अमृतवेला है।


*जिसे सेवा से फुर्सत ही नहीं मिलती उसके लिए अमृतवेला क्या? लगातार की लगन है, जिसे कहते हैं-- निरंतर योगी, सो निरंतर सहयोगी।* उनके लिए तो सदा ही अमृतवेला है। उनके लिए हर समय अमृतवेला है। सोते जागते, चलते, फिरते जो बोला है--  *वो बाप के बगैर नहीं रह सकते, बाप उनके बगैर नहीं रह सकते।*

सेवा का कमाल है।


वार्ता 276(23मि

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