टाइम की वैल्यू है।
टाइम की वैल्यू है।
न अपना टाइम वेस्ट करना है न दूसरों का। इस तरीके से समझाना है कि समय किसी का बर्बाद न हो। परख करके समझाना पड़ता है ना। हाँ। तो किस प्रकार से हम उनको समझावें जो जल्दी उनकी बुद्धि में बैठें, परख करके समझाओ। ऐसे क्यों कहा? आराम से समझाओ न, क्यों ऐसे कहा टाइम वेस्ट न करो??_*
_★ *कैसे हम किसका कल्याण करे, क्या क्या समझाए, किस कैटेगरी की आत्मा को क्या समझाए, जो उसका कल्याण हो जाये। परख करके समझाना पड़ता है ना। हाँ। तो किस प्रकार से हम उनको समझावें जो जल्दी उनकी बुद्धि में बैठें, हाँ? उनका भी टाइम वेस्ट न हो, और हमारा भी टाइम वेस्ट न हो। क्यों? अरे तसल्ली से समझाओ, टाइम वेस्ट की क्या बात? कोई ट्रैन छूटी जा रही है क्या? अरे भाई, हाँ ट्रैन छूटी जा रही, पता नही ये विनाश सामने खड़ा है, आज हो जाए, कल हो जाए कुछ पता है? वो तो सामनेे खड़ा है। कभी कभी सुरु हो सकता है। इसलिए विनाश सुरु होने से पहले से जल्दी जल्दी वो भी समझ जाए समझनेे वाला, और हम भी? हम भी अपना टाइम वेस्ट न करे, उसका भी टाइम वेस्ट है। तो यही पुरुषार्थ किया जाता है ना। तो आज की दुनिया मे सब से ज्यादा वैल्यू किस चीज की है? अरे एक अक्षर लिखो, समय (टाइम) की वैल्यू है। टाइम वेस्ट नहि करना है। टाइम की वैल्यू है। न अपना टाइम वेस्ट करना है न दूसरों का। इस तरीके से समझाना है कि समय किसी का बर्बाद न हो। यही पुरुषार्थ किया जाता है ना। (time@49.44- 51.31) dt 16.08.2019.*_
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