सूर्यवंशी की जो माला बनती है ना 108 कि, उसमे भी 8 ग्रुप कैसी है?



*सूर्यवंशी की जो माला बनती है ना 108 कि, उसमे भी 8 ग्रुप कैसी है?? देहभिमानी साढ़े है या देहभीमान को जल्दी छोड़ देते हैं? मानलों चंद्रवंशी है, चंद्रमा का पार्ट बजाने वाली आत्मा है सोम, सोमवार नाम पड़ता है नाज़ चंद्र बार। हाँ, तो वो आत्मा नाक रगड़ रगड़ करके संपन्न सम्पूर्ण बनती हैं, या शिवबाबा आतें है, सुनाते जाते हैं, स्वीकार करती जाती है, मानती जाती है, और चलने का पुरुषार्थ करती जाती है, तुरंत मान लेती हैं? मानती है तुरंत? ज्ञान सूर्य की जो रोशनी है, उस रोशनी को तुरंत स्वीकार करती है??  नही।*_

 

 _*★ कौन पुजे जाते है? ब्राह्मण पूजे जाते है, जो ब्राह्मण से देवता पद पाते है, या क्षेत्रीय, वैशिया, या शूद्रों की पूजा होती है? किसकी पूजा होती है? ब्राह्मणों की पूजा होती है। तो ब्राह्मण नहीं बनना है पक्का? तो पक्के ब्राह्मण तो सूर्यवंशीओ को कहेंगे, लेकिन सूर्यवंशीओ में भी जो माला बनती है ना 108 की रूद्र माला, उसमें 8 ग्रुप कैसे हैं? हाँ? देहभिमानी साढ़े है या देहभीमान को जल्दी छोड़ देते हैं? मानलों चंद्रवंशी है, चंद्रमा का पार्ट बजाने वाली आत्मा है सोम, सोमवार नाम पड़ता है नाज़ चंद्र बार। हाँ, तो वो आत्मा नाक रगड़ रगड़ करके संपन्न सम्पूर्ण बनती हैं, या शिवबाबा आतें है, सुनाते जाते हैं, स्वीकार करती जाती है, मानती जाती है, और चलने का पुरुषार्थ करती जाती है, तुरंत मान लेती हैं? मानती है तुरंत? ज्ञान सूर्य की जो रोशनी है, उस रोशनी को तुरंत स्वीकार करती है, कि चंद्रमा की आदत है पृथ्वी माता की, धरणी माता की गोद में घुस जाओ। माता बड़ी पसंद आती है। बाप पसंद नहीं आती, तो फिर जबरायल राक्षस बनना पड़ेगा कि नहीं? हाँ, है तो जबरदस्त आयलज़ लेकिन वह जबरदस्त आयल विधियों के लिए बड़ी पसंदगी की चीज है, की स्वधर्मीओ के लिए बड़ी पसंद की चीज है? सूक्ष्म शरीर धारियों को भूत प्रेत कहा जाता है, भूत प्रेतों की केटेगरी कहा जाता है कि नहीं कही जाती है? अच्छे बुरे तो सब में है।कोई केटेगरी ऐसी नहीं होती है, जिसमें रूद्र माला में ऊँच ते ऊँच रूद्र माला कही जाती है, उस रूद्र माला में बुरे से बुरे और अच्छे ते अच्छे पार्ट बजाने वाले नहीं है? है ना।  वह तो दूसरे-2 धर्मों के संग का रंग का छिलका चढ़ता है। कोई के ऊपर तो कड़क छिलका चढ जाता है । क्या? वह देहभान छुड़ता ही नहीं। कितना भी समझाओ, वह आत्मा बनना स्वीकार करते ही नहीं। और करेंगे तो कैसे करेंगे? नाक रगड़ रगड़ के करेंगे, कि आराम से कर लेंगे? अरे भगवान बाप के प्रैक्टिकल पार्ट को पहचानेंगे तो करेंगे, और प्रैक्टिकल पार्ट को जल्दी पहचानेंगे ही नहीं तो क्या करेंगे? बाप भले वाणी चलाता रहे, बक बक बक बक करता रहे, भौकता रहे। बाप तो कहते हैं तुम बच्चे क्या प्रश्न करेंगे, तुम पहले कुछ जानते थे? पहले कुछ नहीं जानते थे। और तुम बाप से प्रश्न करते हो? संजय बुद्धि बनते हो? बाप ने तो बता दिया- संशय बुद्धि क्या? जब तक संसय बुद्धि बनने की निशानी बाप के सामने आती है, तो रिजल्ट क्या निकलता रहता है? विनश्यते। विनश्यते का क्या मतलब? आत्मा का विनाश हो जाएगा? क्या विनाश हो जाएगा? हाँ? अरे, अनिश्चय का विनाश हो जाएगा?  माने पद का विनाश हो जाएगा। बाप के बच्चे नही रहेंगे सुप्रीम सोल के। बच्चा नहीं रहा, बच्चा बाप को फारकति दे गया, माने बच्चा मर गया। मुर्दा बन गया ना। और मुर्दा बन गए, तो कौन सी गोद में जाके छिपेंगे? जितने भी धर्मपिताए है दूसरे दूसरे धर्म केज़ वह मरते हैं ना, मुर्दा बनते हैं ना,  नही बनते? तो कहां जाकर के शरण लेते है? धरणी में जाकर शरण लेते है। उन्हें धरणी माताए, कन्याए ही फिर बड़ी पसंद आती है। वह याद करना नहीं छोड़ेंगे। क्या? तो चंद्रमा की औलाद हुए, इस्लामी को किस की औलाद कहेंगे? चंद्रवंशी की औलाद कहेंगे या नहीं कहेंगे? कहेंगे। (time@43.18-48.12) dt 19.04.2020*_

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