स्वर्ग की स्थापना कौन कर सकेंगे??
स्वर्ग की स्थापना कौन कर सकेंगे??
ब्रह्मा जो मां का रूप था, उस रूप में नहीं कह सकते मांमेंकम याद करो, अगर कहे-- इसका मतलब यह हुआ कि मां अपने को सर्वे सर्वा समझ कर बैठ गई। मां से ऊंचा कोई और है नहीं।ये तो सिंगल उपासना हो गई।
सिंगल उपासना करने वालों को रावण संप्रदाय बता दिया।
*सीढ़ी के चित्र में देखो, जो सिंगल गणेश हनुमान या कृष्ण की उपासना कर रहे हैं उनका ताज उड़ गया।*
उनके सर पर जिम्मेवारी का ताज नहीं है, वो स्वर्ग की स्थापना नहीं कर सकते।
*👉स्वर्ग की स्थापना कौन कर सकेंगे??वही कर सकेंगे जो देवी देवता को मानने वाले होंगे,जो प्रवृत्ति मार्ग को मानने वाले होंगे।* दूसरे धर्म की आत्माएं सिर्फ गॉडफादर को मानती है गॉड मदर को नहीं मानती इसीलिए उनके भाग्य में नहीं है, कि वह अपने देश में स्वर्ग स्थापन कर सकें।
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