सृष्टि का सृजन कैसे होता है?

 *जब दोनों ही प्रकृति मिलती हैं शरीर और आत्मा भाव वाली, तो सृष्टि का सृजन होता है।*



 *दोनों प्रकार की प्रकृति मिलकर माता का प्रैक्टिकल रूप हो गई जिसे कहा गया-- महालक्ष्मी ।लेकिन वो माता प्रैक्टिकल रूप और वो पिता लिंग रूप, जिसकी स्मृति में वो निराकार समाया हुआ है।*

 *तो फिर माता और पिता का जब मेल होता है तो किस की पैदाइश होती है? पहला ग्रुप जो तैयार होता है बाप के बच्चों का, जिसे कहते हैं- रूद्र गण। रूद्र माला पहले तैयार होती है जब माता-पिता का प्रैक्टिकल योग होता है।*

              *वो धर्मपिताएं तो प्रैक्टिकल में योगी नहीं है। क्योंकि स्वयं भी ज्योति बिंदु और निराकार से ही योग लगाया तो दोनों मेल हो गए। तो जो सृष्टि बननी चाहिए ,वो बन नहीं सकती। वास्तविक सृष्टि तो हैविन की बननी चाहिए, वह तो नहीं बन सकती।*

 *सात्विक सृष्टि तभी बनती है, जब पुरुष स्त्री का मेल सात्विक रूप में हो। तामसी रूप में मेल होता है, मारामारी चलती है तो बिच्छू टंडन जैसे बच्चे पैदा होंगे।*


Vcd 2476

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