सबसे ज्यास्ती किसको सहन करना पड़े? विजरूप आत्माओ का बापको और फिर 8 अष्टदेवो को!!

 *_सबसे ज्यास्ती किसको सहन करना पड़े? विजरूप आत्माओ का बापको और फिर 8 अष्टदेवो को_*


_★ सहन करना, जन्म जन्मान्तर रजाई की है, संस्कार है। *फाँसी में चढादो। जन्म जन्मान्तर के  येे संस्कार रहे, छेत्रित्व के संस्कार रहे, जो असल छेत्रिय होंगे वो किसी से डरते ही नही। डरने वाले होंगे ही नही। क्या? मरते दम तक भी, क्या? दुश्मन को मार करके छोड़ते है। पृथ्वी राज चौहान ने क्या किया? हाँ, भले आँखें भी निकाल दो, आँखें वाखें निकाल दिए, क्या हुआ? कुछ नही। वो सब सहन कर लेते है। क्यों? क्योंकि वह पहले ही मेहनत करके आए हैं संगमयुग से। सब कुछ मेहनत करके आये है संगमयुग में। क्या? बताया, सहनशक्ति के लिए बड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। और सबसे ज्यास्ती किसको सहन करना है? अब्बल नंबर में उसको जो 84 जन्म लेने वाले विजरूप आत्माओं में जो 8 है वो औरो के मुकाबले और 8 के भी मुकाबले जो एक है.... जिसके शर के ऊपर वो 8 के मणके रखे है आदम अर्जुन शंकर, तो उनको बहुत मेहनत करना पडता है। क्या बनने के लिए? 16 कला देवता बनने के लिए तुमको बहुत मेहनत करनी पड़ती है। और यहाँ? यहाँ कलातीत और कलातीत को तो देवता  नही कहा जाता है। उनसे भी ऊँच आदित्या कहा जाता है। आदित्य माने अदिति के संतान जो बताया भगवान आकर भगवान भगवती बनाते। जो बोला आप समान बनाते है। आप समान का क्या मतलव हुआ? भगवान आकर भगवान भगवती बनाते है।*  [time @ 1.13.18-1.18.52] dt 9.12.2018._

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