करन हार और करावन हार कौन??

 शिवबाबा करन करावन हार कैसे बनता है?*


*मुरली में तो आया है----शिवबाबा है पुरुषार्थी और शिवबाबा है पुरुषार्थ कराने वाला।* दोनो बातें आई हैं।


         *शिवबाबा ,तब तक साकार में निराकार वो पुरुषार्थी है, जब तक सम्पन आत्मा नही बनी। योग की सिद्धि नही हुई। और जब सिद्धी होजाती है तो पुरुषार्थ कराने वाला है।*

*इसलिए उसे करन-करनकरावन हार कहा जाता है। वो करनहार भी है और वो करावनहार भी है। वो है या वो है? वो निराकार करनकरावनहार है, या जिसमे प्रवेश करता है, वो करन करावनहार बनता है?*

*जिसमे प्रवेश करता है, वो जब तक पुरुषार्थी है तब तक करनहार है पुरुषार्थ का। जब वो सम्पन बन जाएगा तब वो कराएगा।*

*कहने से करो तो,और नहीं करो तो भी कराएगा जरूर। ऐसा नहीं है कि वो नही करायेगा। पुरुषार्थ 500--700 करोड़ आत्माओं को पूरा करा कर ही वापस ले जाएगा।*

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