परमब्रम्ह के मुख से निकलने वाला ज्ञान दूध, तुरंत का तुरंत पिएंगे ज्यों का त्यों और हजम कर लिया तो बड़ी ताकत मिलती है।
*परमब्रम्ह के मुख से निकलने वाला ज्ञान दूध, तुरंत का तुरंत पिएंगे ज्यों का त्यों और हजम कर लिया तो बड़ी ताकत मिलती है। और जितना दुनिया की हवा लगेगी उतना ही दूषित होता जाता है*
*अभी तो दुनिया वाले क्या क्या रिसर्च करते रहते हैं? ये जो तुम दूध पीते हो, ऋषि मुनि कहते थे तुरंत का दुआ हुआ दूध तुरंत पी जाओ। बर्तन में छन्नी डाल कर रखो, गिलास में डालते जाओ, तुरंत पीते जाओ। वह दूध ही अच्छा, बहुत फायदेमंद होता है।*
*जितना ज्यादा देर हो जाएगी रखे रखे, उतना ही दुनिया की हवा लगेगी, और दूध अशुद्ध हो जाएगा। अब वो तो स्थूल दूध है, और तुम्हारा है-- ज्ञान दूध।*
*ज्ञान दूध भी डायरेक्ट-डायरेक्ट जो निकलता है ब्रह्मा मुख से,वो ज्यों का त्यों जो निकलता है, वो पी ले लिया और हजम कर लिया या फिर बाद में जो निश्चय बुद्धि बनेंगे कि पता नहीं यह ब्रह्मा का मुख है, भगवान बोलते हैं या शैतान बोलता है, हमको बरगलाता है कि हम तन मन धन लगा दे। हमको बुद्धू बनाता है, तो अनिश्चय बुद्धि हो गए, तो ताजा दूध पिया या बासी दूध?? दूषित हो गया ना। एक घंटा हुआ, 2 घंटे या 24 घंटे तो भी दूषित हो गया।*
*जितना जितना हवा लगती जाती है ,परम ब्रह्मा के मुख से जो निकलता है उसको दुनिया की जितनी हवा लगेगी तो ज्ञान भी सतोप्रधान से सतो सामान्य ,रजो प्रधान और तमोप्रधान बनेगा कि नहीं दुनिया की हवा लग कर?? बनता जाता है।*
*तो तुरंत का तुरंत निश्चय किया, तुरंत पिया और तुरंत पचाया उसकी तो बात ही क्या?? बहुत ताकत देगा।*
28-3-19
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