शिव लिंग
शिव ~ लिंग
1.शिव लिंग की पूजा क्यों करते है? क्योंकि बो शिव लिंग रूप में भी कल्याणकारी है। शिव महा ही कल्याणकारी। बो किसी रूप में भी कर्मणा में या बाचा ने अकल्याणकारी नहीं हो सकता।
2. निराकार शिव ज्योतिर्विदों को याद करने से सूर्यवंशी का ज्ञान आपे ही इमर्ज हो जाएगा?
अरे अगर निराकार शिव ज्योतिर्विदों को याद करने से सूर्यवंशी का ज्ञान आपे ही इमर्ज हो जाएगा, तो क्या जितने भी धर्म पिताओं है, उनमें सूर्यवंशी का ज्ञान इमर्ज हो गया?
3.असली पवित्रता किसे कहा?
लिंग योनि में धरा रहे उस असली पवित्रता कहेंगे।
4. उसका नाम पड़ा है भगवान। भग/ जलाधारी का नाम है भगवान। जिसके पास बहत धन है, उसे कहेंगे भगवान। वैसे ही जिसके पास भग सबसे ज्यादा है, बो हुआ भगवान।
5.भारत वासी शिव लिंग के राज को पहले समझ लेते है। शिव लिंग, जो पार्वती कि योनी में रखा है, ये unreal है। ये real part नहीं है। ये पतित नहीं है। साथ रहते भी पतित नहीं होता, डिस्चार्ज नहीं होता। इसलिए आज भी उसे अमोघ वीर्य कहते। आज भी पूरी दुनिया में जितनी भी खुदाईया हुई है, बहा शिव लिंग पाया गया है, जलाधारी के साथ। सारी दुनिया ने इस राज को अंत में समझा था।
6.ना शिव को कोई जानते , ना शिव लिंग को जिस जलाधारी में रखा हुआ है, बो भी कोई नहीं जानता। उसका पहचान सिवाए बाप के और कोई उसका परिचय दे नहीं सकता। दूसरा कोई परिचय जानते ही नहीं, तो देंगे कहा से। जो आत्माओं का बाप है बो परिचय देते है। फादर का परिचय देते है, उसे कहते गॉड फादर।
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