मकर संक्रांति का बेहद का अर्थ!!
मकर संक्रांति*
*मकर संक्रांति संस्कार मिलने की निशानी है। मक्कारी खत्म होती है। पहली आत्मा से लेकर अंतिम आत्मा तक यह समझती है, दृढ़ संकल्प आता है कि अब पुरुषार्थ अंतिम समय आ गया। ये आखिरी स्नान है। जिसको करना हो तो कर ले।*
*इसमें एक देवता का नाम जुड़ा है- मक्कार शंकर की अन्ति। दुनिया का बड़े से बड़ा मक्कार है। जिसके लिए बोला--- बच्चे तुम्हारा बाप आया हुआ है। अच्छे अच्छों का भी बाप है, तो बुरे से बुरों का भी बाप है।*
*इसीलिए बोला राम ही रावण बनता है। उसकी यादगार आखिरी महीने में माघ मास में होती है।*
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