महाकाली अविनाशी पार्ट बजाती है क्या??

 *_महाकाली के भगत ने देवी भागवत की किताब बनाई और उसमे देवी की कितनी महिमा कर दी। तू ही स्थापना कारी ब्रह्मा का पार्ट बजाती है, तू ही विनाश कारी शंकर का पार्ट बजाती है, तू ही विष्णु का पार्ट बजाती है, ये तो निमित्वमात्र नाम रख दिया है, लेकिन पार्ट तो असल मे तू ही बजाती है ऐसे ऐसे लिख दिया है। तो देखों, महाकाली का पार्ट बजाने वाली जो आत्मा है वो आल राउंडर पार्ट बजाती है इस सृष्टि रुपी रंगमंच पर शरीर से??? नही।_*


 _*★  तो देखों जो महाकाली के भगत होते है ना, या जो भी देवियों के भगत है, वो देवी भागवत की किताब बनाई उन्होंने और उसमे देवी की कितनी महिमा कर दी। पता है? हाँ! तू ही स्थापना कारी ब्रह्मा का पार्ट बजाती है, तू ही विनाश कारी शंकर का पार्ट बजाती है, तू ही विष्णु का पार्ट। बजाती है। ये तो निमित्वमात्र नाम रख दिया है लेकिन पार्ट तो असल मे तू ही बजाती है ऐसे ऐसे लिख दिया है। समझा? तो देखों, महाकाली का पार्ट बजाने वाली जो आत्मा है वो आल राउंडर पार्ट बजाती है इस सृष्टि रुपी रंगमंच पर शरीर से? नही बजाती है। और जो दिखाए जाते है देवी के रुप में, गौरी के रूप में और काली के रूप में, और दोनो के संस्कार मिलकर एक हो जाते है तो भी आल राउंड पार्ट बजाती है क्या? हाँ? नही बजाती है। इस सृष्टि रूपी रंगमंच पर जो आल राउंडर पार्ट धारी है वही तो अविनाशी हुआ ना। बाकी सब का विनाश होगा कि रह जाएंगे? हाँ, दिखाया हुआ है-छाती पर पाव रखदीया शंकर जी के, ये बताया है कि ये बेहद के मृत्यु पाने के लिए ये भी जरूरी है। क्या? जब तक पूरा देह अहंकार नष्ट न हो, खत्म न हो, तो पूरा आत्माभिमान 100% आएगा? नही आएगा! (Time@22.08-25.15) dt 11.02.2020*_

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