बच्चे डरते बहुत है दीदी दादी दादाओ से।_

 *_बच्चे डरते बहुत है दीदी दादी दादाओ से।_*


★ *_बच्चे डरते बहुत है दीदी दादी दादाओ से। बच्चों को समाचार देना चाहिए बोलो हम यहां आते हैं कुछ सीखने के लिए या तुम्हारी सेवा करने के लिए आते हैं? माताएं सेंटर्स में जाती है ज्ञान सुनने के लिए याद में बैठने के लिए सेंटेंस में जो दूसरी कन्याए है, वह काम नहीं करना चाहती है तो माताओं को डायरेक्शन दे दिया जाता है- बर्तन माझो, कपड़ा साफ करो। नहीं तो मशीन खरीद कर ला कर दो। कपड़ा धोने का मशीन लाकर रखो। हम तुम्हारे नौकर नहीं है। अंदर से मतलब यह बात नहीं निकलती है, क्या हम तुम्हारे नौकर नहीं हैं, लेकिन तुम हमारी प्रजा बन गई। ऐसे समझती है जैसे बाबा हमको राजाई दे दिया। हम रजाई के अभी ही हकदार बन गए। तो बाबा को ये सब समाचार देना चाहिए बच्चो को। और साफ बोल देना चाहिए-हम यहां कुछ सीखने के लिए आतें है की हम तुम्हारी सेवा करने के लिए आते है? भकिमार्ग में 63 जन्म देह धारी धर्म गुरुओं की सेवा करते आए और इस जन्मों में भी हम तुम्हारी सेवा करेंगे?? आदत पड़ी हुई है। किनकी? सेवा लेने वालों की। 63 जन्म भी धर्म गुरु बनकर सेवा लेते रहे है। आदम पड़ी है तो मालिश करावेगी। ....वर्तन धुलाई करवाएगी। ऐसे बहुत करते है। बाप कहते है-बच्चे ऐसा काम मत करो। क्या? दूसरों से सेवा लेने का काम, व्यक्तिगत सेवा लेने का काम मत करो। (time@26.40-30.53) vcd 520_*

Comments