चैतन्य चित्रों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए, कि उनको कोई नुकसान ना पहुंचा दे। क्योंकि अभी तुम्हारे सब दुश्मन हैं।
*चैतन्य चित्रों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए, कि उनको कोई नुकसान ना पहुंचा दे। क्योंकि अभी तुम्हारे सब दुश्मन हैं।*
*कोई कोई ऐसे घुस पड़ते हैं कि चित्रों की तोड़फोड़ कर देते हैं।*
*जब बेसिक नॉलेज में जड़ चित्रों की प्रदर्शनी दिखाई जा रही थी तो,आर्यसमाजी घुस पड़े और उन्होंने चित्रों में आग लगा दी। तो क्या ध्यान रखना पड़े??*
*कि चित्र को कोई नुकसान ना पहुंचा दे। वो तो थी जड़ चित्रों की बात, यहां है फिर चैतन्य चित्रों की बात। नंबर बार संसार में चैतन्य चित्र प्रत्यक्ष होंगे।*
*पहले ब्राह्मणों की दुनिया में प्रत्यक्ष होते हैं। तो जो भी चैतन्य चित्र नंबरबार प्रत्यक्ष होते हैं उनके सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए, कि उनको कोई नुकसान ना पहुंचा दे।*
*अभी तो तुम्हारे सब दुश्मन हैं। ऐसे नहीं कि सिर्फ आर्य समाजी ही दुश्मन हैं, या बाहर की दुनिया वाले ही दुश्मन हैं, या ब्राह्मणों की दुनिया में जो यादव और कौरव संप्रदाय हैं वह दुश्मन हैं।*
*अभी तो एडवांसपार्टी में भी दूसरे धर्म के बीज रुप आत्माएं घुसी हैं ,वो सब बड़े सबसे बड़े दुश्मन है।*
केसेट 772
Comments
Post a Comment