जो ऊपर में याद करते है वह है शुद्र सम्प्रदाय, बाप ब्रह्मा के तन में आया है तो ब्रह्मा का तन जरूर याद पड़ेगा, तो देखो ब्रह्मा के तन में याद करना पड़े ना!
*जो ऊपर में याद करते है वह है शुद्र सम्प्रदाय, बाप ब्रह्मा के तन में आया है तो ब्रह्मा का तन जरूर याद पड़ेगा, तो देखो ब्रह्मा के तन में याद करना पड़े ना!*
★ अभी तुम यहां याद करेंगे। पहले तो मैं परमधाम में था, अभी तो यहां जो भी है सब शुद्र सम्प्रदाय, शुद्र सम्प्रदाय वह सब ऊपर में याद करेंगे। तो देंखों शुद्र में और ब्राह्मण में कितना फर्क है। तुम कही भी होंगे बेलायमत में होंगे तो भी यही जानेंगे बाप ब्रह्मा के तन में आए है तो ब्रह्मा के तन तो जरूर याद पड़ेगा, याद करना पड़े। नही तो वह आए, कहा भटकता है क्या ऐसे! जरूर कोई शरीर मे आएगा। तो देखो तुम अभी कहा भी बैठे हो या बैठे हुए होंगे तो जरूर याद करेंगे। ब्रह्मा के तन में याद करना पड़े। नही तो बेहद के बाप को कहा याद करेंगे। कोई ऐसे ऐसे बुद्धिहीन होते है जो ब्रह्मा को भी नही मानते, बाबा ये नही कहते-ब्रह्मा को याद नही करो, ब्रह्मा की याद करने बिगर शिवबाबा याद कहा से आएगा? आधार तो चाहिए। सिर्फ बाप कहते है ब्रह्मा के तन में आता हूँ। तन में ही आता हूँ। ये तुम को याद करना है। बताते है ऊपर में अभी मैं नही हूँ। अभी मैं साधरण ब्रह्मा के तन में हूँ। उस साधरण ब्रह्मा के तन में याद करना है, बाबा जो है वह अभी ब्रह्मा के तन में है, इसलिए उनको हम दादा या बाबा व बाप व बापदादा दोनो याद करते। *(time @25 second-4.45) dt 29.12.2021*
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