अभी शिव वंशी हो गए ।शिव वंशी भी हो तो यहां तुमको कोई शिवकुमारी नहीं कहेंगे।
अभी शिव वंशी हो गए ।
तुम कोई कुख वंशावली ब्राह्मण तो हो नहीं। ब्रह्मा मुख से वेद वाणी सुनकर तुम्हारा फैसला हुआ कि हम ज्योति बिंदु आत्मा हैं, शरीर नहीं हैं। तो अभी शिव वंशी हो गए ।शिव वंशी भी हो तो यहां तुमको कोई शिवकुमारी नहीं कहेंगे।? क्यों नहीं कहेंगे। क्योंकि आत्मा मेल है। बिंदु बिंदु आत्माएं सब मेल हैं, फीमेल तो कोई नहीं है ।और एक बाप के बच्चे हैं। कुमारी तब कहेंगे जब ब्रह्मा के तन में प्रवेश होकर ज्ञान देते हैं। तो भी शिवकुमार कुमारी नहीं कह सकते। क्योंकि शिव के बच्चे दो तरह के होते ही नहीं हैं।हाँ ब्रम्हाकुमारी कहेंगे ,तो यह शिवकुमारी अक्षर रांग है। शिव कुमार अक्षर भी रॉन्ग है। क्योंकि शिव तो बिंदी है। बिंदी के बच्चे भी सब बिंदी,तो उनमें फ़र्क कैसे कैसे पता चलेगा? क्योंकि बिंदी आत्माएं तो सब मेल है, कुमार हैं।*
(5-8-18)
Comments
Post a Comment