परिवार
परिवार की आवश्यकता
परिवार पर निश्चय भी आवश्यक है क्योंकि बाप ने आते ही परिवार को पैदा किया। तो जैसे बाप के निश्चय है वैसे परिवार में भी निश्चय आवश्यक है , क्योंकि परिवार है किसका!!! इतना परिवार विश्व में किसका नहीं है। आप जितना परिवार को चेक करो विश्व में, किसका है?? किसी डिवाइन फादर का भी नहीं है। वहा तो फॉलोअर है। परिवार के साथ सेवा में और संबंध में भी रहते हो। परिवार का निश्चय आपका 21 जन्म चलना है। परिवार में आने से पता चलता है की मैं इतने बड़े परिवार में निश्चय बुद्धि होकर चल रहा हु। परिवार में ये ध्यान देना पड़ता है को *परिवार में हरेक के संस्कार भिन्न भिन्न है लेकिन आपकी यादगार माला है। कहा 1 नंबर कहा 108 नंबर।* तो परिवार में चलते चलते एक दूसरे के संस्कारों को समझ एक राज्य, एक धर्म , एक होकर चलना है। हरेक के प्रति शुभ भावना और शुभ कामना की स्थिति पर चलना है।
कोई समझे परिवार से हमे क्या है? परिवार नहीं तो बाबा तो है। लेकिन यहां धर्म और राज्य दोनो की स्थापना है। यहां तो आप सबको राज्य भी करना है और इसी जन्म में करना है तो उसमे परिवार की जरूरत होती है। *21 जन्म आपको परिवार के साथ रहना है , परिवार को छोड़ कही जा ही नहीं सकते।
इन चारो बातो के निश्चय में अगर एक भी काम है तो आगे चलकर जरूर हलचल में आ जाएंगे।
*सेवा के साथी कौन है?? साकार का साथ है तो परिवार कहलाए।*
परिवर के साथ संस्कार मिलाना और एक एक को परिवार में संस्कार को मिलाकर चलना इसमें कई कई यथाशक्ति बन जाते है। *जो परिवार के साथ रहते है वही नंबर वन डिवीजन में आते है*। भाव स्वभाव तो परिवार में होता है, तो उसमे छोटी बड़ी गलती भी होती है, विघ्न भी आती है। तो *सबसे आवश्यक इस परिवार के संदर्व में पास होना है,* नही तो विघ्न छोटा हो या बड़ा हो तंग करता रहता है। तो क्यों के बजाए, नो होना चाहिए। हमे क्यों नहीं करना है लेकिन मिलकर चलना है। *परिवार की प्रीत की रीत निभानी है* क्योंकि ये भगवान का परिवार है।
तो नशा रहना चाहिए *वाह बाबा!!! वाह ड्रामा!!!! वाह मैं!!! और वाह मेरा परिवार!!!*
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