ये शरीर तब तक अपना पार्ट बजाते हैं जब तक इनमें परमपिता परमात्मा की दी हुई ऊर्जा(आत्मा) है।
*जैसे वो दुनियावी इंस्ट्रूमेंट काम तब ही करते हैं, जब उसमें पावर(ऊर्जा) आएगी कहीं से। ऐसे ही ये शरीर तब तक अपना पार्ट बजाते हैं जब तक इनमें परमपिता परमात्मा की दी हुई ऊर्जा(आत्मा) है।*
*जैसे वो इंस्ट्रूमेंट होते हैं- रेडियो है, टीवी है, टेप रिकॉर्डर है, अब उसमें यंत्र तो सारे हैं पर क्या सदा वो अपना काम करता है?? कब काम करता है? कब नहीं करता है?*
*उसमें पावर आएगी कहीं से तो काम करेगा ,नहीं आएगी तो नहीं करेगा। ऐसे ही है। ये आत्मा पावर है।*
*और पावर कहां से आती है? जैसे वह रेडियो में, टीवी में, पावर कहां से आती है? जनरेटर से आती है।*
*तो यह जो दुनिया में जनरेशन चल रही है, ये जनरेशन कैसे चलती है? आजकल वैज्ञानिकों ने तो रोबोट बनाए हैं। वह भी अपने आप चलते हैं क्या? बिना ऊर्जा के चलते हैं?*
*ऐसे ही यह शरीर भी है। इसमें जो ऊर्जा है परमपिता परमात्मा की दी हुई ,तब तक ये शरीर अपना अपना पार्ट बजाते हैं और ऊर्जा गई तो पार्ट खत्म।*
16-12-18(54मि)2732
*संगम युग में ब्राह्मणों को ऊर्जा कहां से आती है??*
*84 जन्मों में ऊर्जा कहां से मिलती है?*
*मनुष्य ये बात भूल गए हैं, वो समझते हैं शरीर ही पार्ट बजाता है। अरे! समझना चाहिए ना, ये रेडियो है ,टेप रिकॉर्डर है, यह अपने आप पार्ट बजाता है क्या? नहीं। तो संगम युग में कौन पार्ट बजाता है? यह ऊर्जा कहां से आती है ब्राह्मणों को? जो कोई अलग अलग प्रकार से सेवाएं करते हैं। मनसा सेवा, कोई मानसी सृष्टि बनाते हैं।*
*तो ये ऊर्जा कहां से आती है? शिव बाप से आती है या यह कहें ये ऊर्जा परमात्मा से आती है? या परमपिता परमात्मा से आती है जिसे कहते हैं- बाप दादा?*
*84 जन्मों में ऊर्जा उससे ही मिलती है, जिसको शिवबाप आकर आप सामान बनाकर जाता है। उससे ही सारी सृष्टि को ऊर्जा मिलती है।*
16-12-18(56मि)(2732)
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