असली ज्ञान वो, जो प्रैक्टिकल काम करके दिखाएं।
असली ज्ञान वो, जो प्रैक्टिकल काम करके दिखाएं। प्रैक्टिकल कुछ भी नहीं तो नकली ज्ञान*
*ज्ञान ऊंच ते ऊंच बाप से आता है, फिर सागर में जाता है। सागर से फिर धरनी पर आता है। सूर्य कौन? और सागर कौन? धरनी कौन?*
*सूर्य हुआ शिव, सागर हुआ प्रजापिता, धरनी हुई जगदंबा। तो यह 3 आत्माएं हुई। कोई चौथी आत्मा भी तो है, उसके पास नहीं जाता??*
*जाता है, उसके पास ना जाए तो असली ज्ञान जल का स्वरूप बनेगा ही नहीं।*
*असली ज्ञान जल कैसा?? जो प्रैक्टिकल में काम करके दिखाये, तो असली ज्ञान और प्रैक्टिकल कुछ भी नहीं, सिर्फ बोल बोल करना सुनना सुनाना, समझना समझाना, और परिवर्तन कुछ भी नहीं, तो नकली ज्ञान कहेंगे। तो चौथी आत्मा है--पराप्रकृति*
2748(2-1-19)27 मि)
Comments
Post a Comment