तुम सूर्यवंशी बच्चों की खातिर सब को किल्लत उठानी पड़ती है।

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*तुम सूर्यवंशी बच्चों की खातिर सब को किल्लत उठानी पड़ती है,माना बाप के सन्मुख आकर वापस जाना पड़ता है। (और धर्म वालों को)*


अभी पुरुषोत्तम संगम युग में सतोप्रधान से तमो प्रधान बनना जरूर है। क्योंकि शूटिंग हो रही है यहां चारों युगों की। देवता वर्ण की आत्माओं की भी शूटिंग हो रही है।वो भी सतो प्रधान से तमोप्रधान बनती हैं, और क्षत्रिय वर्ण की आत्माएं भी सत्व प्रधान से तमो प्रधान बनती हैं। *तो हर युग चार अवस्थाओं से पसार जरूर होता है ।अभी बनना सबको जरूर है।*

           *जो भी आते हैं चार अवस्थाओं से पसार जरूर होते रहते हैं। पीछे कभी भी आवें, सतयुग में आवें, त्रेता में आवे, द्वापर की शूटिंग में आवें, या कलयुग की शूटिंग के अंत में आवें, जब भी आएंगे पहले सतो प्रधान पार्ट बजाएंगे और बाद में यज्ञ में तमोप्रधान बनेंगे।*  

              तुम्हारे खातिर तो खास बाप आए हैं। *तुम बच्चों की खातिर तो सब को वापस जाना पड़ता है। माना जब तक तुम, जो 100/. परसेंट तमोप्रधान बने हो, जब तक तुम 100/. परसेंट तमोप्रधान से सतो प्रधान ना बन जाए, तो वह आते रहेंगे, जाते रहेंगे। आते रहेंगे, जाते रहेंगे।*

तो सब धर्म वालों को जब भी आवें, आदि में आवें, मध्य में आवे, तुम्हारी खातिर उनको देखो वापस तो जाना ही पड़ेगा ना। कहां से जाना पड़ेगा?? *बाप के सन्मुख आ करके वापस तो जाना ही पड़ेगा। जाना पड़ता है, माना ड्रामा में नूँध है।* अब यह ड्रामा ही ऐसा बना हुआ है, *जो तुम्हारे कारण तुम्हारे कारण-- माना तुम सूर्यवंशी बच्चों के खातिर सबको किल्लत उठानी पड़ती है, भाग दौड़, भाग दौड़, आना-जाना आना जाना* क्योंकि तुमको तो जरूर एकदम सौ परसेंट नईदुनिया चाहिए, और धर्म वालों की मुकाबले, और जरूर चाहिए। तो फिर उनका हिसाब किताब खलास करके चले जाते हैं। किनका??

 *सभी धर्म वालों का जो हिसाब किताब है सूर्यवंशीयों के साथ, और सूर्यवंशी भी कोई एक जैसे नहीं है, सब नंबरबार हैं। तो सब का हिसाब किताब चुकतु करना है।*

3058(8-11-19)

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