_जितना इंडिपेंडेंट निराधार पुरुषार्थ करेंगे, उतना ऊंच पद पाएंगे।

 *_जितना इंडिपेंडेंट निराधार पुरुषार्थ करेंगे, उतना ऊंच पद पाएंगे। और कोई का आधार लेकर के डिपेंडेंट होकर के पुरुषार्थ करेंगे, तो घाटा हो जाएगा।_*


 _*★ बच्ची कहा भी तुम रहो, तो वहां रहकर के भी तुम ऊंच ते ऊंच पद पाए सकते हो। क्योंकि जितना तुम इंडिपेंडेंट मेहनत करेंगे, कोई का आधार नही, निराधार पुरुषार्थ, उतना ही फल पाएंगे। बाकी कोई का आधार लेकर के डिपेंडेंट होकर के पुरुषार्थ करेंगे, तो उसका हिस्सा उसको मिलेगा की नही? तो तुमको घाटा होगा ना। हाँ! तो मेहनत करनी है। तो ये अपनी मेहनत में लगा ही रहना चाहिए। निराधार बनेंगे तो शरीर छोड़ने के बाद कहि भी जाएंगे तो स्वाधीन रहेंगे की पराधीन रहेंगे? दूसरे का आधार की दरकार रहेगी? नही। तुम यहाँ राजयोग सीखते हो, स्वाधीन बनने की पढ़ाई। ये स्वाधीन होने की बात अपने ऊपर है। मेहनत तुम अपने ऊपर करते हो तो तुम्हारे लिए राज्य तो जरूर चाहिए। समझे ना! 

(@18.18-20.37) dt 25.09.2019.*

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