पुरुष जिसको कांटा लगाते है, उसको भी आप समान कांटा बनाते।
*मोस्ट इंपोर्टेंट प्वाइंट* -
*पुरुष जिसको कांटा लगाते है, उसको भी आप समान कांटा बनाते। महाकाली और महाकाल में कौन बड़ा कांटा दुनिया के लिए बन जाती? महाकाली_*
★ _तो बताया, जो भी *इस दुनिया में पुरुष मात्र है वह तो सब कांटे है ही, लेकिन जिसको कांटा लगाते हैं उसको भी आप समझ सके रंग से कांटा ही बनाते हैं। तो 2 चाहिए ना। क्या? कांटा लगाने वाला भी चाहिए, और शुरू शुरू में कांटा सहन करने वाला भी चाहिए और बाद में वह भी कांटा। वो और बड़ा कांटा। क्या? क्या कहा? पुरुषों से भी बड़ा कांटा। कैसा काटा? जैसे महाकाल और महाकाली है, महाकाल क्या है? महाकाल पुरुष है कि नहीं? महाकाल तो पुरुष हैं। और महाकाली स्त्री है। बड़ा कांटा कौन बनता है? कौन से आत्मा दोनों के बीच में बड़ा कांटा दुनिया के लिए बन जाता है?? एक अक्षर लिखो, काली नही, महाकाली। कालिया तो बहुत होती है। हाँ, उस से महान बड़ी काली कोई नही। तो महाकाली सबसे बड़ा कांटा इस दुनिया के लिए हो जाती है। होती है कि नही? तो कांटे होते ही हैं ऐसे। कैसे? दुखदाई। जहाँ से ये ऐसे... पहले मोटे और उपर मे जाके तीखे पतले महीन काटे। ऐसे काटे होते है और ये जितना बाबा की अंगुली है ना, इतने बड़े कांटे होते है। हाँ, अरे भाई कोई छोटा कांटा कोई बड़ा काटा।*
(time @17.50-20.01) dt 22.04.2019_
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